आल्हा की तर्ज पर आशाराम का गुणगान। ……।
राघव बाबा के शौक से , भाजपा गयी सनाका खाय
वियाग्रा के सेवन से , बुढ़ौती में शौक चर्राय
बाबाओं के करतब से , धर्म -नाश होई जाये
अकेले आशाराम की करनी से , भाजपा रैन- बैन हुई जाय
कूदने लगे आशाराम बापू , सौ सौ बल खाए
कमसिन कन्या ओं के चीरहरण की , धत करनी बरनी ना जाय
जोगेश्वरी
राघव बाबा के शौक से , भाजपा गयी सनाका खाय
वियाग्रा के सेवन से , बुढ़ौती में शौक चर्राय
बाबाओं के करतब से , धर्म -नाश होई जाये
अकेले आशाराम की करनी से , भाजपा रैन- बैन हुई जाय
कूदने लगे आशाराम बापू , सौ सौ बल खाए
कमसिन कन्या ओं के चीरहरण की , धत करनी बरनी ना जाय
जोगेश्वरी
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