इन्ही नही समझ में आ रहा है कि
एक देशद्रोही की बरसी मनाने की
किसी उनिवेर्सिटी वालों को
क्या जरुरत थी
इतने किसान रोज आत्महत्या करते है
उनके लिए कोई धिक्कार दिवस ये लोग क्यों
नही मनाते
इतनी गौएँ बेरहमी से काटी जाती है उसपर
ये लोग क्यों खामोश है क्या
गौओं को बेरहमी से हलाल करना
किसानों की आत्महत्या
इनकी असहिष्णुता में शामिल नही है
एक देशद्रोही की बरसी मनाने की
किसी उनिवेर्सिटी वालों को
क्या जरुरत थी
इतने किसान रोज आत्महत्या करते है
उनके लिए कोई धिक्कार दिवस ये लोग क्यों
नही मनाते
इतनी गौएँ बेरहमी से काटी जाती है उसपर
ये लोग क्यों खामोश है क्या
गौओं को बेरहमी से हलाल करना
किसानों की आत्महत्या
इनकी असहिष्णुता में शामिल नही है
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