Monday, 2 September 2013

vo hath marne ka vakya

वो, जोरात  के ८ बजे  हमे सुनसान रस्ते पर कालेज के पहले , रिक्शे में जाते समय एक बाइक से आ रहे , दो लडकों में से एक ने हवा में हाथ लहराते हुए हमे जोरों से हाथ मारा था , वो इतनी तेजी से था ,कि संभलने या सोचने का वक्त नही मिला, यंहा तक की मई खुद को बचा भी नही सकी , उसने इस तरह लहराते हुए हाथ, मुट्ठी में भर लिया , जैसे आटा भिगाते समय करते है 

sidhiyan: asharam pr alha

sidhiyan: asharam pr alha: आल्हा की तर्ज पर आशाराम का गुणगान। ……। राघव बाबा के शौक से , भाजपा गयी सनाका खाय वियाग्रा के सेवन से , बुढ़ौती में शौक चर्राय बाबाओं के...

asharam pr alha

आल्हा की तर्ज पर आशाराम का गुणगान। ……।

राघव बाबा के शौक से , भाजपा गयी सनाका खाय
वियाग्रा के सेवन से , बुढ़ौती में शौक चर्राय
बाबाओं के करतब से , धर्म -नाश होई जाये
अकेले आशाराम की करनी से , भाजपा रैन- बैन हुई जाय


कूदने लगे आशाराम बापू , सौ सौ बल खाए
कमसिन कन्या ओं के चीरहरण की , धत करनी बरनी ना  जाय

जोगेश्वरी