जन्हा एक ओर ख़ुशी है
वंही दूसरी ओर उदाशि भी
कि मेरी ११ वी किताब आने वाली है
किन्तु , प्रकाशक बीमार है
और, मई जब प्रकाशक की आवाज फोन पर सुनती हूँ
तो, मुझे महसूस होता है कि
वे वाकई कमजोर हो गए है
बढ़ती उम्र में ये कमजोरी सभी को होती है
मई अपने प्रकाशक के ठीक होने की कामना करती हूँ
वंही दूसरी ओर उदाशि भी
कि मेरी ११ वी किताब आने वाली है
किन्तु , प्रकाशक बीमार है
और, मई जब प्रकाशक की आवाज फोन पर सुनती हूँ
तो, मुझे महसूस होता है कि
वे वाकई कमजोर हो गए है
बढ़ती उम्र में ये कमजोरी सभी को होती है
मई अपने प्रकाशक के ठीक होने की कामना करती हूँ
No comments:
Post a Comment