वो सांप सीढियों के खेल
वो लहलहाती बेल
वो, बावली के जल में
थरथराता चन्द्रमा
वो सीढियों से झांकता तिलिस्म
वो हरी हुयी बाजी
शतरंज के खेल सी
पांसे चलती , ये जिन्दगी
जोगेश्वरी
वो लहलहाती बेल
वो, बावली के जल में
थरथराता चन्द्रमा
वो सीढियों से झांकता तिलिस्म
वो हरी हुयी बाजी
शतरंज के खेल सी
पांसे चलती , ये जिन्दगी
जोगेश्वरी